"I really don't think there is anything that is better structured and more interactive in regard to Mains than the ForumIAS Mains Guidance Program." - Mitali Sethi (IAS-2016, AIR-56)
MGP Schedule C - Admissions Open Now!
Click here to read more
*Limited Seats. First Come, First Serve basis only.
ForumIAS Mains Orientation Session on June 24 at 11 AM


ForumIAS will be conducting an Orientation Session for Mains 2017 on June 24 at 11AM. The agenda of the session will be to discuss (1) Mains Guidance Plan along with sources and time management techniques (2) Toppers Talk with Prajit Nair ( AIR 87 ) who will discuss his detailed strategy for Mains Preparation. The event is specially for MGP Students / MGP interested students / Mains Marathon Followers but can be attended by all. Click here to register ( Mandatory)

Note : A second Open to All Session will be conducted soon with MGP Student Mittali Sethi in the coming days.
MITRA'S IAS - Fresh batches of Philosophy : 25th June (Evening)-5:15PM - 7:15PM & 29th June (Morning)-11AM-1PM ; FREE SEMINAR ON 25TH JUNE, 5.15PM Subject To Availability Of Seats
For more information call us at - Tel. No :- 01145505509, Mob. No-8826469839, 9560928172 or
Mail us at :- mitrasiasclasses@gmail.com
, Website:- www.mitrasias.com
Download Topper's answer booklet: (1) Ravi Agarwal(Rank-94, 2016), (2) Vivek Kumar(Rank-200, 2016) (3) Athar Aamir 1st booklet and 2nd booklet(Rank-2)

Hindi Literature Mains 2015(हिंदी साहित्य मुख्य परीक्षा 2015)

यह साहित्य ही है यो दो पैर के जानवर को इंसान बनाता है।साहित्य चाहे किसी भी भाषा का हो मानवीय संवेदनाएं जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता।परंतु इस परिचर्चा का उद्देश्य साहित्य की महत्ता प्रतिपादित करना नहीं है।इस परिचर्चा का मूल उद्देश्य 2015 की मुख्य परीक्षा के लिए एक दूसरे का सहयोग करना है।

उत्तर लेखन तो एक प्रमुख काम रहेगा ही। परंतु हिंदी साहित्य में सबसे बड़ी चुनौती शायद गद्य खंड की व्याख्याओं की सही पहचान का रहता है। इस काम पर विशेष जोर रहेगा। आप सभी परिचर्चा के लिए आमंत्रित हैं।
हम सभी का मार्ग खूब प्रशस्त हो.....
·
«13456729

Comments

  • सन्दर्भ प्रसंग हेतु

    आघात ऐसा कठोर था कि हृदय और मस्तिष्क की सम्पूर्ण शक्तियां, सम्पूर्ण विचार और सम्पूर्ण भार उसी ओर आकर्षित हो गये थे। नदी में जब कगार का कोई वृहदखण्ड कटकर गिरता है तो आस – पास का जलसमूह चारों ओर से उसी स्थान को पूरा करने के लिये दौड़ता है।
    ·
  • राजेन्द्र यादव का "भोगा हुआ यथार्थ" अज्ञेय की "अनुभुति की विशिष्टता" से किस तरह अलग है ? दोनों में समानता के तत्व अधिक हैं या असमानता के ।
    ·
  • vai kya drishti ias ka note self padhna sufficient haii ya coaching is compoulsory or kuch aur padhna padega
    ·
  • drishti notes first priority. and restimage depends on availablilty of time
    ·
  • vai kya drishti ias ka note self padhna sufficient haii ya coaching is compoulsory or kuch aur padhna padega
    नंबर लाने के लिए दृष्टि के नोट्स पर्याप्त हैं।नोट्स को कवर करने में भी समय लगता है।मेंस तक तो उसके अलावा दूसरी किताबें न पढ़ें तो ज्यादा अच्छा।
    ·
  • 93-98 ban rahe hain pre mein(OBC), hindi sahitya optional liya hai, pichhli baar sociology se mains diya tha. sirf drishti k notes hi hain, aur kaafi kam padha hai, pre clear hone ki duvidha mein. agar pre nikalta hai to @Muktibodh ji se margdarshan ki apeksha rahegi.
    ·
  • सन्दर्भ प्रसंग हेतु

    आघात ऐसा कठोर था कि हृदय और मस्तिष्क की सम्पूर्ण शक्तियां, सम्पूर्ण विचार और सम्पूर्ण भार उसी ओर आकर्षित हो गये थे। नदी में जब कगार का कोई वृहदखण्ड कटकर गिरता है तो आस – पास का जलसमूह चारों ओर से उसी स्थान को पूरा करने के लिये दौड़ता है।
    उद्धहरण का सदंर्भ है प्रेमचंद की लघुकथा बूढी काकी। प्रसंग है काकी के परिवार द्वारा काकी पर शारिरीक आघात किया जाना, जो कि काकी के क्षुधाकुल होने का फल था। प्रेमचंद इन शब्दों में काकी के विचार प्रकर्ति की उपमा देकर प्रस्तुत करते हैं, की किस प्रकार काकी का ह्रदय एवम मस्तिस्क आघात का आंकलन नहीँ कर सका।
    ·
  • 93-98 ban rahe hain pre mein(OBC), hindi sahitya optional liya hai, pichhli baar sociology se mains diya tha. sirf drishti k notes hi hain, aur kaafi kam padha hai, pre clear hone ki duvidha mein. agar pre nikalta hai to @Muktibodh ji se margdarshan ki apeksha rahegi.
    यहाँ हम सब एक दूसरे के सहयोगी और मार्गदर्शक हैं।
    ·
  • आप में से कोई हिंदी की टेस्ट सीरीज कर रहा है
    ·
  • edited October 2015
    आप में से कोई हिंदी की टेस्ट सीरीज कर रहा है
    इस बार संयोग नहीं बन पा रहा है।
    वैसे दृष्टि में टेस्ट सीरीज शुरू हो गई है आज 6-9 दूसरा टेस्ट था।
    ·
  • सन्दर्भ,प्रसंग हेतु मन हो तो व्याख्या भी कर सकते हैं
    जीवन की स्थिति समय में है और समय प्रवाह है। प्रवाह में साधु-असाधु प्रिय अप्रिय सभी कुछ आता है। प्रवाह का यही क्रम स्रष्टि और प्रकृति की नित्यता है।
    ·
  • अपने उत्तर में आलोचकों के कथन को कोट करना कितना उपयोगी रहता है?
    ·
  • अपने उत्तर में आलोचकों के कथन को कोट करना कितना उपयोगी रहता है?
    बहुत ज्यादा अंतर नहीं पड़ता।
    ·
  • सन्दर्भ,प्रसंग हेतु मन हो तो व्याख्या भी कर सकते हैं
    जीवन की स्थिति समय में है और समय प्रवाह है। प्रवाह में साधु-असाधु प्रिय अप्रिय सभी कुछ आता है। प्रवाह का यही क्रम स्रष्टि और प्रकृति की नित्यता है।
    यह अवतरण सम्भवतः दिव्या से उद्धृत है. आर्य मारिश का कथन है | spasht kariye thoda

    ·
  • व्याख्या हेतु गद्यांश।

    मुझे बार बार अनुभव होता कि मैंने प्रभुता और सुविधा के मोह में पड़ कर उस क्षेत्र में अनधिकार प्रवेश किया है, और जिस विशाल में मुझे रहना चाहिए था उससे दूर हट आया हूँ। जब भी मेरी आँखें दूर तक फैली क्षितिज-रेखा पर पड़तीं, तभी यह अनुभूति मुझे सालती कि मैं उस विशाल से दूर हट आया हूँ।

    ·
  • vyakhya saari padh rahe ho bhai log?
    ·
  • 1.
    यदि प्रेमचंद 'गोदान' को उपन्यास के बदले नाटक के रूप में लिखते, तो आपकी दृष्टि में वे उसमे क्या छोड़ते और क्या जोड़ते ? mains 2015

    ·
  • आप में से कोई हिंदी की टेस्ट सीरीज कर रहा है
    दृष्टि का कर रहा हूँ।
    दो टेस्ट हो चुके हैं।


    ·
  • व्याख्या हेतु गद्यांश।

    मुझे बार बार अनुभव होता कि मैंने प्रभुता और सुविधा के मोह में पड़ कर उस क्षेत्र में अनधिकार प्रवेश किया है, और जिस विशाल में मुझे रहना चाहिए था उससे दूर हट आया हूँ। जब भी मेरी आँखें दूर तक फैली क्षितिज-रेखा पर पड़तीं, तभी यह अनुभूति मुझे सालती कि मैं उस विशाल से दूर हट आया हूँ।
    आषाढ़ का एक दिन, मोहन राकेश के नाटक का उद्धरण । यह पंक्तिया नाटककार ने नायक कालिदास के माध्यम से नाटक के अंतिम भाग में कही हैं जब कालिदास मात्र्गुप्त का आवरण छोड़ नायिका मल्लिका के पास वापस आते हैं।

    कालिदास स्वीकारते हैं की अब तक के अभाव पूर्ण जीवन ने उन्हें उज्जैन के मोह में डाला और कालिदास अपने नयी जीवनशैली में खुद को अपरिचित अनुभव करते हैं। कालिदास राजप्रासाद के भीतर से अपने ग्रामीण की असीमित सम्भवना पूर्ण जीवन को स्मरण करते हुए आत्म्ग्लानी में जीते हैं।

    ·
  • आप में से कोई हिंदी की टेस्ट सीरीज कर रहा है


    दृष्टि का कर रहा हूँ।
    दो टेस्ट हो चुके हैं।

    दृष्टि के प्रश्न पत्र संरचना और उत्तर पत्रों की आकलन को आपने कितना उपयोगी पाया है? मार्गदर्शन कीजिये।
    ·
  • आप में से कोई हिंदी की टेस्ट सीरीज कर रहा है


    दृष्टि का कर रहा हूँ।
    दो टेस्ट हो चुके हैं।



    दृष्टि के प्रश्न पत्र संरचना और उत्तर पत्रों की आकलन को आपने कितना उपयोगी पाया है? मार्गदर्शन कीजिये।
    उत्तर आँकलन कैसा है
    ·
  • 1. टेस्ट सीरीज समय प्रबंधन में निश्चित ही सहायक होता है।
    2. मेरा मानना है कि अंक प्रदान करने में उदारता बरती जाती है। हिंदी साहित्य से 2 mains का अनुभव है और मैं ये निश्चयपूर्वक कह सकता हूँ की upsc इतनी उदार नहीं होती।
    अच्छी बात यह है की आपकी कमियों और खूबियों दोनों को इंगित किया जाता है।
    पिछले साल दिल्ली विश्वविद्यालय के एक अनुभवी शिक्षक मार्गदर्शन के लिए थे। इस साल कौन शिक्षक आएंगे, इसकी घोषणा अभी तक नहीं हुई है।
    3.प्रश्नो का स्तर अच्छा रहता है। पिछले वर्ष कुछ प्रश्न हूबहू पूछे गए थे विशेषकर 'इतर सिलेबस' के प्रश्न।


    ·
  • राजेन्द्र यादव का "भोगा हुआ यथार्थ" अज्ञेय की "अनुभुति की विशिष्टता" से किस तरह अलग है ? दोनों में समानता के तत्व अधिक हैं या असमानता के ।
    मुक्तिबोध जी इस पे प्रकाश डालें।

    ·
  • @DasrathMaanjhi इतर सिलेबस के प्रशन से आपका क्या तात्पयर् है? उदाहरण दीजिये?
    ·
  • 1. टेस्ट सीरीज समय प्रबंधन में निश्चित ही सहायक होता है।
    2. मेरा मानना है कि अंक प्रदान करने में उदारता बरती जाती है। हिंदी साहित्य से 2 mains का अनुभव है और मैं ये निश्चयपूर्वक कह सकता हूँ की upsc इतनी उदार नहीं होती।
    अच्छी बात यह है की आपकी कमियों और खूबियों दोनों को इंगित किया जाता है।
    पिछले साल दिल्ली विश्वविद्यालय के एक अनुभवी शिक्षक मार्गदर्शन के लिए थे। इस साल कौन शिक्षक आएंगे, इसकी घोषणा अभी तक नहीं हुई है।
    3.प्रश्नो का स्तर अच्छा रहता है। पिछले वर्ष कुछ प्रश्न हूबहू पूछे गए थे विशेषकर 'इतर सिलेबस' के प्रश्न।


    plz upload the question paper in image if possible...TIA.
    ·
Sign In or Join to comment.

Welcome!

We are a secret self-moderated community for Civil Services preparation. Feel free to join, start a discussion, answer a question or just to say Thank you.

Just dont spread the word ;)

Sign in or join with Facebook or Google